thandaee peene ke phaayade

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गर्मी के दिनों में कई ऐसे पदार्थों का प्रचलन होता है जो गर्मी से राहत देने के साथ ही हमें ऊर्जा भी प्रदान करते हैं. ठंडई भी ऐसे ही पेय पदार्थों में से एक है. यह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. अपने बेहतरीन स्वाद और अन्य गुणों की वजह से मीठी-मीठी ठंडी और स्वादिष्ट ठंडई पी कर के आप ना केवल बेहतर महसूस करते हैं बल्कि आप को अन्य स्वास्थ्य लाभ भी मिल जाते हैं. दरअसल ठंडई में पानी के साथ साथ कई जड़ी-बूटियों को मिलाकर इसे एक स्वास्थ्यवर्धक पेय बना दिया जाता है. गर्मी के दिनों में ठंडाई आपको हाइड्रेटेड रखने के साथ ही आपके स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने का काम करती है. तो आइए ठंडई के फायदे को विस्तार पूर्वक जानते हैं.

ठंडाई के गजब फायदे, होली पर ठंडाई पीने वाले पहले ये जान लीजिए
रंगों का त्योहार होली का इंतजार अब लगभग खत्म हो चला है. चारों तरफ बाजार सजे हुए हैं और लोगों की तैयारियां जोरो-शोरों पर है. होली के रंग में भंग का अपना अलग ही मजा है. हम बात कर रहे हैं ठंडाई की.
रंगों का त्योहार होली का इंतजार अब लगभग खत्म हो चला है. चारों तरफ बाजार सजे हुए हैं और लोगों की तैयारियां जोरो-शोरों पर है. होली के रंग में भंग का अपना अलग ही मजा है. हम बात कर रहे हैं ठंडाई की. ज्यादातर लोग होली के मौके पर ठंडाई बनाकर पीते हैं. रंगों और पकवानों से भरी होली में ठंडाई पीने का मजा ही अलग होता है. होली में तमाम पकवानों के साथ ठंडाई मुख्यतौर पर शामिल की जाती है. लेकिन, क्या आपको पता है कि ठंडाई सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है.

ठंडाई से कब्ज होगा दूर
होली के समय पर पी जाने वाली ठंडाई को अक्सर लोग आम दिनों में भी इस्तेमाल करते हैं. दरअसल, ठंडाई में पॉपी (खसखस) सीड्स थोड़ी मात्रा में होते हैं, जो गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल जलन में राहत पहुंचाने का काम करते हैं. इससे कब्ज की समस्या को भी दूर किया जा सकता है. इसके अलावा ठंडाई में कई तरह के न्‍यूट्रि‍शंस जैसे प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और मिनरल्स होते हैं.

ठंडाई के बेहतरीन फायदे
गर्मी के दिनों में शायद ही कोई ऐसा हो, जो ठंडाई नहीं पीता हो। मीठी, ठंडी और स्वादिष्ट ठंडाई न केवल स्वाद में मजेदार होती है, बल्कि इन दिनों में होने वाली सेहत समस्याओं से भी बचाए रखने में मदद करती है

ठंडाई बनाने के लिए केसर, बादाम खसखस, छोटी इलायची, काली मिर्च, तरबूज के बीज इत्यादि को अच्छे से पीसकर मीठे दूध और पानी के मिश्रण में मिलाकर एक बेहतर पेय बनाया जाता है। इसका एक गिलास पीने से दिन भर शरीर में ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव बना रहता है।

ठंडाई दिमाग को भरपूर शक्ति शीतलता और ताजगी देती है। ठंडाई का प्रयोग करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है।

ठंडाई का सेवन करने से मुँह के छालो में बहुत आराम मिलता है। इसका सेवन करने से पेट के गर्मी प्राकर्तिक रूप से बहार निकल जाती है।

ठंडाई का उपयोग अल्सर के रोगियों के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है।

इन्फेक्शन होने की वजहे से कभी कभी पेशाब में जलन महसूस हो तो ठंडाई का प्रयोग बहुत ही हितकारी माना जाता है।

गर्मी के समय में उलटी या दस्त होने पर भी आप ठंडाई का उपयोग कर सकते है।

ठंडाई पीने से मन की एकाग्रता बढ़ने लगती है।

यदि शरीर में एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहती हो तो ठंडाई का प्रयोग करने से एसिडिटी का रोग ठीक होने लगता है।

गर्मी के दिनों में ठंडाई का प्रयोग निरंतर करते रहने से लू लगने का भय नहीं रहता है।

यदि गर्मी के कारण नींद ना आती हो या सर में लगातार दर्द बना रहता हो तो प्रतिदिन ठंडाई का सेवन करने से इस समस्या में काफी लाभ होता है।

आइसक्रीम खाने के फायदे
गर्मी के दिनों में तापमान अधिक होता है, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ने लगती है। ठंडाई का सेवन गर्मी के इस प्रकोप को कम करता है और पेट व शरीर को शीतलता प्रदान करता है।

ठंडाई बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:-

सौंफ 50 ग्राम
खस खस 25 ग्राम
मगज खरबूजा 25 ग्राम (खरबूजे से निकलने वाले बीजो की गिरियाँ)
काली मिर्च 30 ग्राम
बादाम 75 ग्राम
इलायची दाना 10 ग्राम
केसर 1.5 ग्राम
गुलाब जल 15 मि ली
मिश्री 1.0 कि ग्रा
वंश लोचन 1.5 ग्राम
पानी 0.75 लीटर

ठंडाई बनाने की विधि =>

रात को बादाम, सौंफ, काली मिर्च, मगज और खस खस को अलग अलग भिगो देंवें।

सुबह इन सबको अलग अलग पीस लें। बादाम के छिलके उतार कर पीसना है।

अब पिसे हुए सौंफ को 1.5 लीटर पानी में उबालें। (इतना उबालें कि, आधा लीटर तक पानी उड़ जाये।) इस पानी में से सौंफ को छान कर फेंक दें। छने हुए पानी को पुनः उबालें। एक उबाल आने पर मिश्री डाल कर 10 मिनट तक उबलने दें। पानी के ऊपर से मैल निकाल लें। इस मिश्री युक्त पानी को छान लीजिये और छानने के बाद इस में पिसे हुए बादाम, खस खस, काली मिर्च और मगज मिलाकर आधे घण्टे तक उबालने के बाद ठंडा होने दें।

वंश लोचन को बारीक पीस लें।
केसर और इलायची दाने को पीस कर गुलाब जल में घोट लें।
वंशलोचन, केसर इलायची और गुलाबजल के मिश्रण को ठंडाई में मिला कर बोतलों में भर लें।

ठंडाई के सेवन की विधि.

गर्मियों में ठंडाई के सेवन की सर्वोत्तम विधि है, दूध की लस्सी में डालकर पीना. इसके लिए एक गिलास में एक हिस्सा दूध ले कर तीन हिस्सा पानी डालिए और इसमें 30 मि ली ठंडाई डालिए. इसको पीने के एक घंटे तक कुछ भी ना खाए पियें. इसको पीते ही आप तरोताज़ा महसूस करेंगे.

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