p‍yaaj ke in sadaabahaar heyaramaas‍ka se kaee problams door kiya ja sakata hai. ek baar traay karake dekhe

0
1025

हमारे घरों में नियमित रुप से खाना पकाते समय और सलाद में प्‍याज का उपयोग किया जाता है। बिना प्‍याज के सब्‍जी तो एकदम बेस्‍वाद सी लगती है। लू के मौसम में तो प्‍यास किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होता है। लेकिन आपको मालूम में स्‍वास्‍थय के ही नहीं सौंदर्य के ल‍िहाज से भी प्‍याज किसी वरदान से कम नहीं होता है। प्‍याज के रस में मौजूद सल्फर बालों की ग्रोथ करता है, साथ ही हेयर फॉल रोकने के हेल्पफुल होता है।

सल्फर के अलावा इसमें विटामिन A, B6, C और E, क्रोमियम, सोडियम, पोटैशियम, आयरन, डायटरी फाइबर जैसे ढेरों न्यूट्रिएंट्स होते हैं। अगर इसके रस को अलग-अलग चीजों के साथ मिक्स करके बालों और जड़ों पर लगाएं जाएं तो बालों से जुड़ी कई प्रॉब्लम्स दूर किया जा सकता है।

प्‍याज और बीयर के लाभ
प्‍याज और बीयर 2-2 चम्‍मच प्‍याज के रस और बीयर को मिक्‍स कर लें। इसे स्‍कल्‍प पर लगाएं। 30 मिनट बाद धो लें। हफ्ते में 2 बार ऐसा करने से बाल मजबूत, घने और मुलायम होंगे।

दही और प्‍याज का रस
दही आपके हेयर फॉल की समस्‍या से निजात दिलाता है। प्‍याज के रस में 2 टेबल स्‍पून दही को मिलाकर बालों में लगा लें। अब आधे घंटे के बाद बालों को धो लें।

नींबू और प्‍याज का रस
दो चम्‍मच प्‍याज और नींबू के रस को मिक्‍स कर लें। इसे अच्‍छी तरह पूरे बालों पर लगाएं। एक घंटे बाद बाल धो लें। हफ्ते में 2 बार ऐसा करें। बाल घने और मजबूत बनेंगे और डैंड्रफ दूर होगी।


प्‍याज के फायदे
प्‍याज का रस कनपटी और छाती में लगाने से लू नहीं लगती है.
भोजन के साथ कच्चा प्‍याज खाना फायदेमंद होता है.
प्‍याज खून को गाढ़ा बनाता है और उसे पतला होने से रोकता है.
प्‍याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में कमी आती है.
मिर्गी, हिस्टीरिया और पाण्डुरोग में भी प्याज फायदेमंद है.
कब्ज की समस्या होने पर भोजन के साथ रोज एक कच्चा प्याज खाएँ.
डायबिटीज के रोगी को हर दिन प्याज खाना चाहिए.
कान में दर्द या कान बहने की समस्या होने पर प्‍याज के रस को हल्‍का गर्म करके कान में डालने से आराम मिलता है.
आधा कप सफेद प्‍याज के रस में गुड़ और पिसी हल्‍दी मिलाकर सुबह-शाम पीने से पीलिया में फायदा होता है.
छोटे प्‍याज को छीलकर चौकोर काटकर नींबू के रस में भींगा दें, ऊपर से नमक काली मिर्च डाल दें.
फिर इसे लें, इससे पीलिया ठीक हो जाता है.
प्‍याज से दिल की धमनियों में खून के थक्‍के नहीं जमते हैं, यह दिल की सुरक्षा करता है.
प्‍याज खून को गाढ़ा बनाता है और उसे पतला होने से रोकता है.
कुत्ता काट लेने पर, काटे हुए स्‍थान पर प्‍याज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर लगाने से विष का प्रभाव कम हो जाता है.
सरसों के तेल और प्‍याज के रस को मिलाकर मालिश करने से गठिया और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.
प्‍याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में कमी आती है.
मिर्गी, हिस्टीरिया और पाण्डुरोग में भी प्याज फायदेमंद है.
बच्चों को बदहजमी होने पर उन्हें प्याज के रस की तीन-चार बूँदें चटाने से लाभ होता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here