किशमिश के अदभुत गुण
किशमिश सूखे मेवों का एक अत्यंत स्वादिष्ट और व्यापक रूप से लोकप्रिय किस्म है। सूखे मेवों में शामिल किशमिश स्वाद और गुणों से भरपूर है। अंगूर को जब विशेषरूप से सुखाया जाता है तब उसे किशमिश कहते हैं। अंगूर के लगभग सभी गुण किशमिश में होते हैं। यह मुख्य दो प्रकार का होता है, लाल और काला। किशमिश सुनहरे रंग या हरे रंग में भी रंग आती हैं।
किशमिश का प्रयोग
किशमिश आपके स्वास्थ्य के लिए बड़े काम की चीज है। वास्तव में किशमिश स्वादिष्ट मीठे स्वाद के कारण कैंडीज और चॉकलेट के लिए एक उपयुक्त विकल्प हैं। किशमिश को कच्चा खाया जा सकता है या खाना पकाने, हलवा बनाने खीर बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह व्यापक रूप से डेजर्ट, कुकीज, पाई, पुडिंग और स्वादिष्ट व्यंजनों में उपयोग की जाती हैं।
ऊर्जा का स्रोत


यह ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। एथलीट, पर्वतारोही और अन्य लोगों के लिए ये एक स्वास्थ्य संबंधी टॉनिक का काम करती है और उच्च ऊर्जा की खुराक के रूप में उपयोग की जाती है। किशमिश को ड्राई फ्रूट का राजा कहा जाता है। किशमिश को उसके पोषण तत्वों और स्वास्थ्य लाभों के कारण “हीरा” माना जाता है।
अन्य पोषक तत्व
किशमिश खाने से ब्लड बनता है, वायु, पित्त और कफ दोष दूर होता है और यह हृदय के लिये बहुत लाभकारी होती है। किशमिश ऊर्जा और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत हैं। बाजार में उपलब्ध किशमिश के विभिन्न प्रकार हैं। इनमें से कुछ हैं: सुल्ताना, मैलेगा, मोनुक, ज़ांटे कर्रेंट, मस्कट और थॉम्पसन बीनलेस।
अन्य पोषक तत्व
किशमिश में 72% शर्करा होता है जिनमें से ज्यादातर फ्रुक्टोज और ग्लूकोज हैं। इनमें लगभग 3% प्रोटीन और 3.7% -6.8% आहार फाइबर शामिल हैं। किशमिश में प्रूनस और खुबानी जैसे कुछ एंटीऑक्सिडेंट भी उच्च मात्रा में शामिल होते हैं। इसमें ताज़े अंगूर की तुलना में कम विटामिन सी होता है। किशमिश सोडियम में कम होता है और इसमें कोई कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है।

कब्ज और पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
कब्ज, एसिडि‍टी और थकान जैसी पेट की समस्याओं के लिए किशमिश बहुत फायदेमंद होती है। किशमिश लैक्सटिव के रूप में कार्य करती है। यह पेट में जा कर पानी को सोख लेती हैं जिस वजह से यह फूल जाती है और कब्ज में राहत दिलाती है। पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य करता है।
कब्ज और पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी को पीना आपको कई तरह के फायदे देता है। कुछ दिनों तक इसका नियमित सेवन कीजिए और कब्ज, एसिडि‍टी और थकान से बिल्कुल निजात पाइए। किशमिश में मौजूद फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल मार्ग से विषाक्त और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
एसिडिटी
किशमिश में अच्छी मात्रा में पोटैशियम और मैगनीशियम होता है जो एसिड की समस्या को ठीक करता है। जब खून में एसिड बढ जाता है तो यह परेशानी पैदा कर देता है। इसकी वजह से स्किमन डिज़ीज, फोडे़, गठिया, गाउट, गुर्दे की पथरी, बाल झड़ने, हृदय रोग, ट्यूमर और यहां तक कि कैंसर होने की संभावना पैदा हो जाती है। किशमिश खाने से एसिड की परेशानी दूर करता है।
एनीमिया
किशमिश में भारी मात्रा में आयरन होता है। किशमिश खाने से एनीमिया से लड़ने की शक्ति शरीर में आती है। खून को बनाने के लिये विटामिन बी काम्प्लेक्स की जरुरत को भी किशमिश पूरी करती है। किशमिश में मौजूद कॉपर खून में लाल रक्त कोशिका को बनाने का काम करता है।

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