bachon ke study room kaise sajaye

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best design for study room

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वास्तु शास्त्र, भारत की प्राचीन वास्तु कला है, जिसका प्रयोग लोग सालों से अपने घर को बनवाने में करते आ रहें हैं।
यह घर के हर पहलू को शामिल करता है,फिर चाहे वह आपका रसोई घर हो या बेडरूम।
और आप अपने बच्चे का कमरा डिजाइन करने जा रहें हैं, तो वास्तु के हिसाब से कराएं।
वास्तु शास्त्र में ऐसे कई सारे तरीके हैं, जिसे अपनाने से आपके बच्चे का मन पढ़ाई में लगेगा और वह अपनी ज़िन्दगी में सफल व्यक्ति बनेगा।
पढ़ने का कमरा घर में बच्चों का कमरा पूर्व, उत्तर, या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। इस दिशा में बच्चे का कमरा होने उसके ज्ञान में विर्धि होती है। और कमरे का दरवाज़ा भी इसी दिशा में खुलना चाहिए।
पढाई के कमरे में यह ना करें घर में बच्चों का कमरा कभी भी शौचालय के नीचे नहीं होना चाहिए। इसके अलावा यह
ध्यान रखे कि पढ़ते वक़्त शीशे की प्रतिच्छाया किताबों पर ना पड़े, इससे बच्चे के ऊपर पढ़ाई का दबाव बनता है।पढ़ाई के कमरे में रोशनी बच्चों के पढ़ाई के कमरे में अच्छी रोशनी होनी चाहिए।


जितना हो सके घूप या प्राकृतिक उजाला होने चाहिए।
अगर बच्चे के पढ़ाई के कमरे में कम रोशनी होगी तो उसका असर उसकी पढाई पर दिखेगा, इसलिए पढ़ाई के कमरे में अच्छा उजाला होना चाहिए, और पढ़ते वक़्त बच्चे की परछाई किताबों पर नहीं पड़नी चाहिए।

यह भी करे

बच्चों के स्टडी रूम को ऐसे सजाएं
स्ठडी टेबलः स्टडी टेबल आरामदायक होने के साथ ही स्टाइलिश भी होनी चाहिये।
बच्चों की कमर का भी ख्याल रखें। उन्हें ऐसी चीज दिलाएं जो उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव न डालें।
दीवारों का रंगः रंग पसंद करते वक्त ऐसा रंग चुनें जो उस जगह के बारे में एक अच्छा एहसास दिलाए। नारंगी, पीला और लाल रंग अच्छा होता है। दीवार का रंग मूड को बेहतर बनाने का भी काम करता है।
रौशनीः बच्चों के पढ़ने के लिये रूम में अच्छी लाइट लगी होनी चाहिये जिससे पूरा कमरा चमक उठे। कम रौशनी वाले कमरे में पढाई करने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है।

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